Astro-Spiritual-Motivation
‘Astro-Spiritual-Motivation’
Global-Social-Spiritual Programme
हँसती प्रकृति हँसता मानव हँसती मानवता
Happy Nature Happy Human Happy Humanity
विकास आत्म-विश्वास का
भूमिका
बिना विश्वास के कुछ नहीं होता। विश्वासो फलदायक:। भारत जब विश्वगुरु था तभी से कह रहा है "विश्वासो फलदायक:"। विश्वास सच में अंतर ला देता है। पहले हमारे अंत:करण में फिर हमारे बाहर वातावरण में। और जब विश्वास खुद पर, अपनी आत्मा पर हो जाए तो शक्ति अपने उच्च शिखर पर पहुँच जाती है। जहाँ विश्वास आत्मा का परमात्मा की अनुभूति में बदल जाना शेष रह जाता है। अगर हमारे भीतर परमात्मा का विश्वास आ जाए तो कितनी शक्ति स्फुटित होगी यह भारतीय भक्तिकाल के चमत्कार से समझा जा सकता है। जहाँ हम गुलाम थे पर फिर भी हम निर्माण में सक्षम हुए। हम पूर्ण गुलाम नहीं हुए। पुन: फिर स्वतंत्र हुए। अब स्वावलंबी भी बनेंगे। हमने पीछे होकर आगे बढ़्ने की नई ऊर्जा पाई है। खोजी है।
मानव भी जब हताश निराश हो तो वही शक्ति पीछे होकर आगे बढ़ने की छलांग लगाती है। जब तक आत्मा मरी नहीं है, शक्ति का असीमित स्रोत हमारे मानवता में है। आत्म विश्वास सिर्फ सीधी रेखा में चलने वाली शक्ति समझना न्याय नहीं है। जो यू.पी.एस.सी की तैयारी करके निकालते हैं उनका अध्ययन भी बताता है कि आत्म-विश्वास ऊपर-नीचे तो होता है पर ज्यादा अपनी ऊर्जा को सकरात्मक रखकर चलने पर सफलता मिलती है।
सफल इंटरप्रेन्योर भी यही कहते हैं। उनका अनुभव भी यही कहता है। आज एलन मस्क को अगर ट्वीटर से 1500 हजार करोड़ का घाटा हर महीने हो रहा है तो क्या आत्मविश्वास सिर्फ ऊँचा हीं होता है। नहीं यह सिर्फ भावनात्म लब्धि या सिर्फ EQ से नहीं जुड़ा है। इसे IQ, EQ और प्लानिंग तथा सही समझ से योजना आधारित होकर किया जाता है। जो मानवीय विकास तथा संभावना पर आधारित समझ को योजना आधारित कर अपनी आत्मविश्वास को बढ़ाया जाता है। HQ हैप्पीनेस ऐसे हीं नहीं मिलता। इसकी तुलना काल्पनिक ख्याल या नशे से मिली क्षणिक और नुकसानदायक हैप्पी फिलिंग से नहीं की जा सकती। इसके लिए संसाधन के साथ मानवीय क्षमता IQ, EQ तथा CQ के संतुलन से साधा जाता है। यह HQ हमारे SQ आध्यात्मिक लब्धि के बराबर है। बिना Moral नैतिक हुए यह उपलब्ध नहीं होता। जीयो और जीने दो इसका भीतर की अंतर्निहित शक्ति है। यह Religion नहीं है। यह हर मानव के भीतर में बसी आत्मा या Soul की Nature Law से उत्पन्न उच्चतर जीवल की अभिव्यक्ति है।
इसके लिए बाल, किशोर, शिक्षित, रोजगार, विवाह का जीवन सही बनाना जरूरी है। वह संतोष जो हमारे समाज के काम आने से होता है। उससे सृजित Create होता है।
सही समाज के लिए जहाँ संभावना की समझ में ज्योतिष, अध्यात्मिकता (ध्यान, प्रार्थना) तथा Motivation की भूमिका है।
जीवन में जो होता है उसमें 30% ज्योतिष, 30% अध्यात्म(ध्यान), 30% मोटिवेशन, तथा 10% होनी संयोग के घटित होने से होता है।
खुश होना सीखना पड़ता है। खुश होकर जीना भी सीखना पड़ता है। यह भी अध्ययन और सीखने की विद्या है। ध्यान (विपश्यना, साक्षी) इसमें संवेगो की पहचान तथा अच्छे भले की पहचान और गलत के निवारण करने में प्रमुख निभाता है।
एकता तथा अभेद की भावना है। युद्ध, संकट, अवरोध से निपटने में मोटिवेशन की भूमिका असंदिग्ध है।
ज्योतिष
ज्योतिष ग्रहों और सितारों का अध्य्यन जरूर है। पर यह गणित है। ज्योतिष सिर्फ गणित से नहीं चलता। यह हमारे भीतर अस्तित्ववान होकर चलता है। भारत में ज्योतिष हस्तरेखा सामुद्रिक तथा अध्यात्म के साथ हीं चलता है। यह अनुभूतिअ परक सेवा है।
ज्योतिष हमारे सत्य तथा संभावना के साथ हमारा विकास करता है। ज्योतिषीय ऊर्जा के द्वारा हमारे विकास तथा भविष्य निर्माण में बहुत सहायता मिलती है। ज्योतिष वह घड़ी है जिसमें जीवन चलता है।
अध्यात्म/ध्यान
आज के मानव के लिए उसके विकास में जो सबसे बड़ी सहायक तकनीक है वह अध्यात्म हीं है। अध्यात्म जब ज्योतिष और मोटिवेशन के साथ काम करती है तो हमारे भीतर विकास की संभावना उच्चतम होती है।
अध्यात्म के कई रूप का हम अपने विकास में उपयोग कर सकते हैं। हम किस रूप का उपयोग करना चाहते हैं यह हमारी पसंद पर निर्भर करता है।
यह अंतत: शिष्य और मार्गदर्शक पर हीं आधारित है। ज्योतिष हमारी विधि के चुनाव पर बड़ी भूमिका निभाता है।
मोटिवेशन
आज के दौर में हम पहले के मुकाबले जितने मोटिवेशनल गुरु देखते हैं वहाँ अलग से कुछ कहने की अधिक आवश्यकता नहीं रह जाती है। योगेश्वर श्रीकृष्ण सबसे अधिक मोटिवेशनल हैं जो हर युग के मोटिवेशनल हैं।
प्रकृति धर्म तथा प्रकृति ज्योतिष (PrakritiDharma.Com & Prakritijyotish.Com) का यह Global-Social-Spiritual Programme ‘Astro-Spiritual-Motivation’ के रूप मानवता के हित में चलाया जा रहा है। जहाँ हर व्यक्ति इसके सेवा का लाभ उठा सकता है।
शुभमस्तु
सौरभ कुमार